Wednesday, May 17, 2017

Reverse TASWOSAW

From Robert Graves's To Read a Poem (tr. पढ़ना कविता का)

In Broken Images

He is quick, thinking in clear images; 
I am slow, thinking in broken images.

He becomes dull, trusting to his clear images; 
I become sharp, mistrusting my broken images,

Trusting his images, he assumes their relevance; 
Mistrusting my images, I question their relevance.

Assuming their relevance, he assumes the fact, 
Questioning their relevance, I question the fact.

When the fact fails him, he questions his senses; 
When the fact fails me, I approve my senses.

He continues quick and dull in his clear images; 
I continue slow and sharp in my broken images.

He in a new confusion of his understanding; 
I in a new understanding of my confusion.

NF's Hindi translation:

टूटी छवियों में 

वह है तेज़, सोचता हुआ स्पष्ट छवियों में;
मैं हूँ धीमा, सोचता हुआ टूटी छवियों में.

वह होता है कुंद, आश्वस्त अपनी स्पष्ट छवियों से; 
मैं होता हूँ प्रखर, आशंकित अपनी टूटी छवियों से.

आश्वस्त अपनी छवियों से, वह मानता है उनकी प्रासंगिकता; 
आशंकित अपनी छवियों से, मैं प्रश्न करता हूँ उनकी प्रासंगिकता पर. 

मान कर उनकी प्रासंगिकता, वह मान लेता है तथ्य, 
प्रश्न करते हुए उनकी प्रासंगिकता पर, मैं प्रश्न करता हूँ तथ्य पर. 

जब तथ्य उसे त्याग देता है, वह प्रश्न करता है अपनी इन्द्रियों पर; 
जब तथ्य मुझे त्याग देता है, मैं करता हूँ अनुमोदन अपनी इन्द्रियों का. 

वह बढ़ता है तेज़ और कुंद अपनी स्पष्ट छवियों में; 
मैं बढ़ता हूँ धीमा और प्रखर अपनी टूटी छवियों में. 

वह अपनी समझ के एक नए भ्रम में;
मैं अपने भ्रम की एक नयी समझ में. 

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